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प्रभास की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘सालार’ का धांसू एक्शन सीन पाकिस्तान ने किया हूबहू कॉपी या यह AI का खेल? जानिए वायरल वीडियो का पूरा सच

प्रभास की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘सालार’ का धांसू एक्शन सीन पाकिस्तान ने किया हूबहू कॉपी या यह AI का खेल? जानिए वायरल वीडियो का पूरा सच

भारतीय सिनेमा जगत में दक्षिण भारतीय फिल्मों और खासकर पैन-इंडिया ब्लॉकबस्टर्स का दबदबा पूरी दुनिया में सिर चढ़कर बोल रहा है। प्रशांत नील द्वारा निर्देशित और ‘बाहुबली’ फेम प्रभास स्टारर एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘सालार: पार्ट 1 – सीजफायर’ (Salaar: Part 1 – Ceasefire) ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी रिलीज के साथ ही तहलका मचा दिया था। फिल्म के डार्क टोन, विस्मयकारी विजुअल इफेक्ट्स और भारी-भरकम हथियारों के साथ फिल्माए गए रोंगटे खड़े कर देने वाले एक्शन सीन्स ने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी थी। हालांकि, हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो क्लिप जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसमें एक एक्शन दृश्य को हूबहू ‘सालार’ के उस बहुचर्चित दृश्य जैसा दिखाया गया है, जहां प्रभास भारी मशीन गन के साथ दुश्मनों का खात्मा करते हैं।

इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स दो गुटों में बंट गए हैं। इंटरनेट पर एक बड़ा वर्ग यह दावा कर रहा है कि यह पाकिस्तान की किसी आगामी एक्शन फिल्म का सीन है, जिसे भारतीय सिनेमा से चुराया या रीमेक किया गया है। वहीं, दूसरा वर्ग इस वीडियो की विजुअल क्वालिटी, लाइटिंग और टेक्सचर का विश्लेषण करते हुए इसे जेनेरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Generative AI) या आधुनिक वीएफएक्स (VFX) की कलाकारी करार दे रहा है। सीमा पार से भारतीय फिल्मों के कॉन्सेप्ट्स और सीन्स की नकल करने का आरोप कोई नया नहीं है, लेकिन इस बार का वीडियो इतना सटीक और चौंकाने वाला है कि सिनेमाई पंडित भी इसे बारीकी से परखने पर मजबूर हो गए हैं।

वायरल वीडियो की हकीकत: क्या है दृश्य और कैसे छिड़ा विवाद?

वायरल हो रही वीडियो क्लिप लगभग 30 से 45 सेकंड की है। इसमें एक मस्कुलर अभिनेता को काले रंग के भारी लिबास में देखा जा सकता है, जो चारों तरफ धूल, धुएं और अंधेरे के बीच एक बहुत बड़ी मॉडिफाइड मशीन गन (Heavy Machine Gun) लेकर खड़ा है। दृश्य का बैकग्राउंड, कलर पैलेट और कैमरावर्क निर्देशक प्रशांत नील के सिग्नेचर स्टाइल—’डार्क एंड ग्रिमी सिनेमैटोग्राफी’—से 100 प्रतिशत मेल खाता है। जैसे ही यह अभिनेता गोलियों की बौछार करता है, बैकग्राउंड म्यूजिक और साउंड इफेक्ट्स भी ठीक वैसे ही सुनाई देते हैं जैसे ‘सालार’ में रवि बसरूर के बैकग्राउंड स्कोर में थे।

ट्विटर (अब X), इंस्टाग्राम रील्स और रेडिट पर प्रभास के प्रशंसकों ने इस क्लिप को तेजी से रीशेयर करना शुरू कर दिया। भारतीय प्रशंसकों का कहना था कि पड़ोसी मुल्क की फिल्म इंडस्ट्री रचनात्मकता के मामले में इतनी पिछड़ चुकी है कि अब वे साउथ इंडियन सिनेमा के सीन्स को फ्रेम-टू-फ्रेम कॉपी करने पर उतर आए हैं। देखते ही देखते #Salaar, #Prabhas, और #PakistaniCinema जैसे हैशटैग्स ट्रेंड करने लगे और इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

“सोशल मीडिया के दौर में किसी भी विदेशी या स्थानीय प्रोजेक्ट की नकल करना अब आसान नहीं रहा। अगर यह दृश्य किसी आधिकारिक फिल्म का हिस्सा है, तो यह सीधा बौद्धिक संपदा अधिकार और रचनात्मक चोरी का मामला बनता है, लेकिन तकनीकी संकेतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।” — वरिष्ठ फिल्म विश्लेषक

कॉपी, रीमेक या एआई (AI) का कमाल: पड़ताल में क्या निकला?

इस पूरे मामले की जब गहन पड़ताल और फैक्ट-चेक किया गया, तो कहानी में एक दिलचस्प मोड़ सामने आया। पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री (लॉलीवुड) के हालिया रिलीज प्रोजेक्ट्स और निर्माणाधीन फिल्मों के डेटाबेस को खंगालने पर ऐसा कोई आधिकारिक प्रोजेक्ट सामने नहीं आया जिसमें इस तरह के बड़े बजट और हाई-एंड विजुअल इफेक्ट्स वाला सीन शूट किया गया हो। पाकिस्तान की हालिया एक्शन फिल्मों जैसे ‘द लीजेंड ऑफ मौला जट्ट’ ने बड़े पैमाने पर सफलता पाई है, लेकिन उनका बजट और विजुअल एस्थेटिक्स पारंपरिक और ऐतिहासिक युद्ध शैलियों पर आधारित रहे हैं।

डिजिटल फॉरेंसिक और वीएफएक्स विशेषज्ञों के अनुसार, इस वायरल वीडियो में जेनेरेटिव एआई वीडियो टूल्स (जैसे Runway Gen-2, Sora या Midjourney प्रॉम्प्ट्स से बने 3D रेंडर्स) के स्पष्ट निशान दिखाई देते हैं। वीडियो के कुछ फ्रेम्स में कैरेक्टर की उंगलियों की बनावट, गन से निकलने वाले मजल फ्लैश (Muzzle Flash) की भौतिकी और बैकग्राउंड में खड़े लोगों के चेहरों में हल्का ब्लर और डिस्टॉर्शन देखा जा सकता है। यह तकनीक उन डिजिटल आर्टिस्ट्स द्वारा अक्सर इस्तेमाल की जाती है जो एआई की मदद से लोकप्रिय फिल्मों के ‘अल्टरनेटिव यूनिवर्स’ या ‘व्हाट इफ’ (What If) कॉन्सेप्ट्स तैयार करते हैं। किसी अज्ञात क्रिएटर ने एआई सॉफ्टवेयर में ‘पाकिस्तानी अभिनेता इन सालार स्टाइल एक्शन’ का प्रॉम्प्ट देकर यह वीडियो तैयार किया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने के उद्देश्य से असली फिल्म सीन बताकर वायरल कर दिया गया।

भारतीय सिनेमा और विदेशी नकल का लंबा इतिहास

यद्यपि यह वीडियो प्रथम दृष्टया एआई-जनरेटेड प्रतीत होता है, लेकिन दर्शकों द्वारा इस पर तुरंत यकीन कर लेने के पीछे एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भी है। अतीत में कई ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जहां भारतीय फिल्मों के सुपरहिट गानों, पोस्टर्स और फाइट सीन्स को अन्य देशों, खासकर पाकिस्तानी सीरियलों और बी-ग्रेड फिल्मों में हूबहू कॉपी किया गया है। दूसरी ओर, भारतीय सिनेमा पर भी हॉलीवुड और कोरियन सिनेमा से प्रेरणा लेने के आरोप लगते रहे हैं।

आज भारतीय सिनेमा विशेषकर ‘बाहुबली’, ‘आरआरआर’, ‘केजीएफ’ और ‘सालार’ जैसी फिल्मों के जरिए वैश्विक स्तर पर अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित कर चुका है। प्रशांत नील द्वारा स्थापित ‘कोलार गोल्ड फील्ड्स’ और ‘खानसार’ की डार्क सिनेमैटिक दुनिया अब सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर सिनेमाई छात्रों और क्रिएटर्स के लिए एक नया बेंचमार्क बन चुकी है। यही वजह है कि क्रिएटर्स इस शैली का अनुकरण करके व्यूज बटोरने की कोशिश करते हैं।

मुख्य बिंदु और प्रमुख आंकड़े

  • फिल्म का प्रभाव: दिसंबर 2023 में रिलीज हुई ‘सालार: पार्ट 1’ ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 700 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी।
  • विवाद का कारण: सोशल मीडिया पर एक 40-सेकंड की क्लिप वायरल हुई, जिसमें ‘खानसार’ जैसी डार्क थीम में एक अभिनेता को भारी मशीन गन चलाते दिखाया गया।
  • पाकिस्तानी फिल्म का दावा: कई नेटिजन्स ने इसे पाकिस्तानी एक्शन फिल्म का अनधिकृत रीमेक बताया, लेकिन लॉलीवुड में इस नाम की किसी फिल्म का आधिकारिक अस्तित्व नहीं मिला।
  • तकनीकी विश्लेषण: वीडियो विशेषज्ञों और डिजिटल आर्टिस्ट्स के अनुसार यह क्लिप एडवांस्ड AI वीडियो जनरेशन और डीपफेक टूल्स द्वारा निर्मित है।
  • वायरल रीच: एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को लाखों व्यूज मिल चुके हैं और हजारों यूजर्स इस पर अपनी राय व्यक्त कर चुके हैं।

विशेषज्ञों की राय और फेक कंटेंट की नई चुनौती

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस युग में सच और कल्पना के बीच की लकीर बहुत धुंधली हो चुकी है। मीडिया और साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि अब बिना किसी आधिकारिक स्रोत के किसी भी वीडियो पर आंख मूंदकर विश्वास कर लेना खतरनाक हो सकता है। फिल्म उद्योग से जुड़े एक वीएफएक्स सुपरवाइजर ने बताया, “आज कोई भी व्यक्ति अपने लैपटॉप पर शक्तिशाली एआई टूल्स का उपयोग करके किसी भी मशहूर एक्टर या डायरेक्टर की शैली को कॉपी कर सकता है। जब यह क्लिप्स इंटरनेट पर डाली जाती हैं, तो सनसनीखेज हेडलाइंस के जरिए इन्हें पड़ोसी देशों के विवाद या साहित्यिक चोरी के रूप में पेश किया जाता है ताकि एंगेजमेंट बढ़ाई जा सके।”

निष्कर्षतः, ‘सालार’ के एक्शन सीन की नकल का यह वायरल वीडियो किसी पाकिस्तानी फिल्म का आधिकारिक हिस्सा नहीं है, बल्कि यह एक अत्यधिक परिष्कृत डिजिटल/एआई आर्टवर्क है। प्रभास के फैंस के लिए यह गर्व की बात हो सकती है कि उनके पसंदीदा सितारे और निर्देशक की शैली को आज दुनिया भर में ट्रेंड सेटर माना जा रहा है, लेकिन दर्शकों के लिए यह एक चेतावनी भी है कि डिजिटल स्पेस में दिखने वाली हर चमकदार चीज सिनेमाई हकीकत नहीं होती।

Accredited news correspondent and investigative contributor at AvaNews.in.

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