सीतापुर में SIR के खिलाफ उपवास सत्याग्रह, अरुण कुमार बाबा ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
सीतापुर, 3 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में SIR (Special Intensive Revision) के खिलाफ उपवास सत्याग्रह जारी है। राष्ट्रीय किसान मंच के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार बाबा तीन दिवसीय उपवास सत्याग्रह कर रहे हैं। शनिवार को उनके उपवास का दूसरा दिन रहा।
इस सत्याग्रह में IPF के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित शेखर दीक्षित भी मौजूद रहे। वहीं, लोक आंदोलन की कार्याध्यक्षा कल्पना इनामदार भी SIR के खिलाफ तीन दिवसीय उपवास पर हैं। कल्पना इनामदार अन्ना आंदोलन से भी जुड़ी रही हैं और उसकी कार्याध्यक्षा के रूप में कार्य कर चुकी हैं।
SIR के खिलाफ सीतापुर में क्यों हो रहा है उपवास?
राष्ट्रीय किसान मंच की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सत्याग्रह की मुख्य मांग चुनाव और मतदाता सूची से जुड़े उन मामलों की निष्पक्ष जांच से संबंधित है, जिनको लेकर जनता के सामने दस्तावेजी सवाल या साक्ष्य सामने आए हैं।
मंच का कहना है कि ऐसे मामलों का सक्षम संवैधानिक, वैधानिक अथवा न्यायिक मंच पर कानून के अनुसार निष्पक्ष परीक्षण कराया जाना चाहिए।
अरुण कुमार बाबा की क्या है मुख्य मांग?
राष्ट्रीय किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार बाबा की ओर से मुख्य रूप से मांग की गई है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में संपन्न हुए चुनावों अथवा मतदाता सूची से संबंधित उन मामलों की जांच कराई जाए, जिनमें ठोस एवं दस्तावेजी प्रश्न या साक्ष्य जनता के सामने आए हैं।
मांग में किसी मामले को पहले से सही या गलत घोषित करने के बजाय उपलब्ध रिकॉर्ड और दस्तावेजों के विधि के अनुरूप परीक्षण पर जोर दिया गया है।
सत्याग्रहियों ने रखीं ये दो प्रमुख मांगें
1. दस्तावेजों और अभिलेखों का परीक्षण
मंच की मांग है कि संबंधित मामलों में उपलब्ध दस्तावेजों, अभिलेखों और तथ्यों का कानून के अनुसार परीक्षण कराया जाए।
2. अनियमितता मिलने पर कार्रवाई
सत्याग्रहियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर अनियमितता या त्रुटि सामने आती है, तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सत्याग्रह में पंडित शेखर दीक्षित और कल्पना इनामदार की मौजूदगी
सीतापुर में चल रहे उपवास सत्याग्रह में IPF के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित शेखर दीक्षित भी मौजूद रहे।
वहीं लोक आंदोलन की कार्याध्यक्षा कल्पना इनामदार SIR के खिलाफ तीन दिवसीय उपवास पर हैं। कल्पना इनामदार अन्ना आंदोलन से जुड़ी रही हैं और उसकी कार्याध्यक्षा के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं।
इन नेताओं की मौजूदगी से सीतापुर में चल रहे SIR विरोधी उपवास सत्याग्रह को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ है।
आंदोलन आगे भी जारी रखने की चेतावनी
राष्ट्रीय किसान मंच की ओर से कहा गया है कि यदि उनकी मांगों पर उचित संज्ञान नहीं लिया गया तो मंच लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे भी जारी रखने के लिए बाध्य होगा।
फिलहाल सीतापुर में तीन दिवसीय उपवास सत्याग्रह जारी है और 3 अक्टूबर को इसका दूसरा दिन है।
SIR और मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवाल
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी प्रक्रिया है। मतदाता सूची से जुड़े किसी भी विवाद या दस्तावेजी सवाल का अंतिम निर्धारण संबंधित संवैधानिक, वैधानिक या न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही किया जा सकता है।
सीतापुर में चल रहे इस सत्याग्रह में आंदोलनकारियों की ओर से मुख्य जोर उन मामलों की निष्पक्ष जांच पर है, जिनको लेकर उनके अनुसार दस्तावेजी सवाल या साक्ष्य सामने आए हैं।
निष्कर्ष
सीतापुर में SIR के खिलाफ चल रहा उपवास सत्याग्रह शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। राष्ट्रीय किसान मंच के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार बाबा तीन दिवसीय उपवास पर हैं। सत्याग्रह में IPF के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित शेखर दीक्षित मौजूद रहे, जबकि लोक आंदोलन की कार्याध्यक्षा कल्पना इनामदार भी तीन दिवसीय उपवास पर हैं।
आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि चुनाव और मतदाता सूची से जुड़े जिन मामलों को लेकर दस्तावेजी सवाल उठाए गए हैं, उनका कानून के अनुसार निष्पक्ष परीक्षण कराया जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता या त्रुटि सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
नोट: यह खबर उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति और दिए गए विवरण के आधार पर तैयार की गई है। इसमें आंदोलनकारियों द्वारा उठाई गई मांगों और दावों को उनके पक्ष के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इन्हें स्वतंत्र जांच का निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
admin
🛡️ Verified JournalistAccredited news correspondent and investigative contributor at AvaNews.in.
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.