केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की अचानक बिगड़ी तबीयत, एम्स के आईसीयू में भर्ती; तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ के बाद डेंगू की आशंका
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है। 80 वर्षीय वरिष्ठ राजनेता को तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी और सांस लेने में गंभीर तकलीफ की शिकायत के बाद अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों की एक बहु-विषयक विशेषज्ञ टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।
अस्पताल सूत्रों से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मांझी को पिछले दो-तीन दिनों से हल्का बुखार था, जिसे सामान्य मौसमी वायरल समझा गया था। हालांकि, अचानक तापमान बढ़ने और ऑक्सीजन स्तर में उतार-चढ़ाव आने के चलते चिकित्सकों ने बिना किसी देरी के उन्हें आईसीयू में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। अस्पताल प्रबंधन ने आवश्यक रक्त परीक्षण, प्लेटलेट्स काउंट और सीरोलॉजिकल टेस्ट शुरू कर दिए हैं, जिससे डेंगू या अन्य वेक्टर जनित संक्रमण की पुष्टि की जा सके।
जीतन राम मांझी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चिंता की लहर दौड़ गई है। केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और विपक्षी दलों के नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मांझी के परिजन और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख पदाधिकारी अस्पताल में मौजूद हैं।
घटना का विस्तृत विवरण: कैसे बिगड़ी केंद्रीय मंत्री की तबीयत?
पारिवारिक सूत्रों और पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, जीतन राम मांझी अपने आधिकारिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में लगातार सक्रिय थे। हाल के दिनों में उन्होंने विभिन्न बैठकों में हिस्सा लिया था। बीते 48 घंटों में उन्हें बदन दर्द, अत्यधिक थकान और तेज कंपकंपी के साथ बुखार महसूस हुआ। स्थानीय चिकित्सकों द्वारा दी गई दवाओं के बावजूद जब उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और सांस लेने में असहजता बढ़ने लगी, तब तुरंत उन्हें एम्स के इमरजेंसी वार्ड लाया गया।
एम्स के वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों ने जांच के बाद पाया कि उनका पल्स रेट अस्थिर था और प्लेटलेट्स में गिरावट के शुरुआती संकेत मिले थे। उम्र के इस पड़ाव को देखते हुए किसी भी प्रकार के जोखिम से बचने के लिए उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में रखा गया है ताकि कार्डियक और रेस्पिरेटरी पैरामीटर्स की निरंतर निगरानी की जा सके।
“केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी जी को बुखार और सांस से जुड़ी दिक्कतों के बाद निगरानी में रखा गया है। उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है और सभी जरूरी डायग्नोस्टिक टेस्ट किए जा रहे हैं। घबराने की कोई बात नहीं है, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम निरंतर उपचार में जुटी हुई है।”
— अस्पताल एवं पारिवारिक सूत्रों का बयान
चिकित्सकीय विश्लेषण: डेंगू और मौसमी संक्रमण का खतरा
चिकित्सकों का कहना है कि वर्तमान मौसम में देश के कई हिस्सों में डेंगू, चिकनगुनिया और वायरल निमोनिया के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। बुजुर्ग मरीजों में डेंगू का संक्रमण तेजी से प्लेटलेट्स घटाने और सांस संबंधी जटिलताएं पैदा करने का कारण बन सकता है। मांझी के रक्त के नमूने एलिसा टेस्ट (NS1 एंटीजन और IgM/IgG एंटीबॉडी) के लिए भेजे गए हैं ताकि डेंगू वायरस की सटीक स्थिति स्पष्ट हो सके।
इसके अतिरिक्त, उनके फेफड़ों में किसी भी प्रकार के कफ या सेकेंडरी बैक्टीरियल इन्फेक्शन की जांच के लिए चेस्ट एक्स-रे और हाई-रेजोल्यूशन सीटी स्कैन (HRCT) भी कराया गया है। डॉक्टरों का प्राथमिक लक्ष्य उनके वाइटल्स (ब्लड प्रेशर, पल्स, ऑक्सीजन सैचुरेशन) को स्थिर बनाए रखना और डिहाइड्रेशन को नियंत्रित करना है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और नेताओं की चिंताएं
केंद्रीय मंत्री की अस्वस्थता की सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने डॉक्टरों से संपर्क साधकर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अस्पताल प्रशासन और जीतन राम मांझी के पुत्र व बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन से फोन पर वार्ता कर उनके स्वास्थ्य की पूरी जानकारी ली और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा बिहार के विभिन्न जिलों में उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए महामृत्युंजय जाप और विशेष प्रार्थनाओं का दौर शुरू हो गया है। गया संसदीय क्षेत्र, जहां से मांझी लोकसभा सांसद हैं, वहां के स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने भी उनके दीर्घायु होने की प्रार्थना की है।
मुख्य बिंदु और प्रमुख आंकड़े
- मरीज: जीतन राम मांझी (केंद्रीय MSME मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री बिहार, आयु 80 वर्ष)।
- अस्पताल: एम्स (AIIMS), क्रिटिकल केयर/आईसीयू यूनिट।
- मुख्य लक्षण: तेज बुखार, प्लेटलेट्स में गिरावट, सांस लेने में तकलीफ और गंभीर कमजोरी।
- जांच प्रक्रिया: डेंगू सीरोलॉजी, प्लेटलेट मॉनिटरिंग, चेस्ट इमेजिंग और लिवर फंक्शन टेस्ट।
- वर्तमान स्थिति: डॉक्टरों के अनुसार स्थिति नियंत्रण में, अगले 24 से 48 घंटे महत्वपूर्ण।
सक्रिय राजनीति और जमीनी संघर्ष का प्रतीक: जीतन राम मांझी
जीतन राम मांझी भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने अत्यंत साधारण और वंचित पृष्ठभूमि से निकलकर राज्य के शीर्ष पद (मुख्यमंत्री) और फिर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री तक का सफर तय किया है। 80 वर्ष की उम्र में भी वे अत्यधिक सक्रिय रहते हैं और अपने बयानों तथा जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से निरंतर राष्ट्रीय विमर्श में बने रहते हैं।
2024 के लोकसभा चुनाव में गया सुरक्षित सीट से जीत दर्ज करने के बाद उन्हें मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। लगातार व्यस्त दिनचर्या और विभिन्न राज्यों के दौरों के चलते उनकी शारीरिक ऊर्जा पर प्रभाव पड़ना स्वाभाविक माना जा रहा है। चिकित्सकों ने उन्हें पूर्ण विश्राम की सख्त सलाह दी है।
आगे की राह और मेडिकल बुलेटिन का इंतजार
एम्स प्रशासन की ओर से अगले कुछ घंटों में एक औपचारिक मेडिकल बुलेटिन जारी किए जाने की संभावना है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक संक्रमण पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ जाता और प्लेटलेट काउंट स्थिर नहीं हो जाते, तब तक उन्हें आईसीयू में ही गहन निगरानी में रखा जाएगा। देश भर के शुभचिंतक और राजनीतिक जगत के लोग मांझी के शीघ्र स्वस्थ होकर पुनः जनसेवा में लौटने की कामना कर रहे हैं।
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