नेपाल में बाढ़ की विनाशलीला: 400 अरब का नुकसान, टूटे पुलों के बीच ज़िप लाइन बनी जिंदगी की डोर
नेपाल में मूसलाधार बारिश और भयंकर बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नदियों के उफान और भूस्खलन के कारण देश के कई हिस्से पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गए हैं। रसुवा, नुवाकोट और भोटेकोशी क्षेत्र में तबाही का मंजर बेहद भयानक है। बाढ़ और बारिश के कारण अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्राथमिक आकलनों के अनुसार, इस त्रासदी से नेपाल को लगभग 400 अरब रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
ज़िप लाइन बनी जीवनदायिनी: अनोखा रेस्क्यू ऑपरेशन
बाढ़ के विकराल रूप ने पुलों को बहा दिया है और सड़कें ध्वस्त कर दी हैं। ऐसे में उफनती नदियों को पार करना नामुमकिन सा हो गया था। इस आपदा के बीच साहसिक खेलों और पर्यटन के लिए बनी ‘ज़िप लाइन’ (Zip Line) अब लोगों के लिए एकमात्र सहारा बनी हुई है। स्थानीय लोग और राहत दल ज़िप लाइन के जरिए राशन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान प्रभावित इलाकों तक पहुंचा रहे हैं। कई स्थानों पर फंसे हुए लोगों को इसी के जरिए सुरक्षित किनारे पर लाया जा रहा है।
तबाही का मंजर और चश्मदीदों का खौफ
नेपाल से लौटे भारतीय नागरिकों और पर्यटकों ने वहां के भयानक हालात बयां किए हैं। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर लौटे आशुतोष ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने 25 से 30 लोगों को बाढ़ के तेज बहाव में बहते देखा। वे खुद करीब 24 घंटे तक एक पहाड़ पर फंसे रहे, जहां हर तरफ सिर्फ चीख-पुकार और तबाही का सन्नाटा था।
“नदियां विकराल रूप ले चुकी हैं। पुल ढह चुके हैं और रास्ते पूरी तरह बंद हैं। जो नजारा हमने देखा, उसे भूल पाना नामुमकिन है।” – बाढ़ पीड़ित प्रत्यक्षदर्शी
पीक सीजन में पर्यटन उद्योग पूरी तरह ठप
नेपाल में यह समय पर्यटन के लिहाज से पीक सीजन माना जाता है, लेकिन इस त्रासदी ने देश की रीढ़ माने जाने वाले टूरिज्म सेक्टर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। काठमांडू, पोखरा और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों ने अपनी बुकिंग रद्द कर दी है। होटल और ट्रैवल गाइड सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लगा है।
11वें दिन भी हुआ चमत्कार: जारी है राहत कार्य
विपत्ति की इस घड़ी में भी उम्मीद की किरणें दिखाई दे रही हैं। मलबे के बीच से रेस्क्यू टीम ने 11वें दिन एक चीनी नागरिक और एक बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। नेपाली सेना, पुलिस और सशस्त्र प्रहरी बल दिन-रात बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और भौगोलिक बाधाओं के कारण राहत कार्यों में काफी मुश्किलें आ रही हैं।
मुख्य बिंदु:
- आर्थिक क्षति: नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से 400 अरब रुपये से अधिक का नुकसान।
- नया सहारा: पुल ढहने के बाद रस्सियों और ज़िप लाइन के माध्यम से रेस्क्यू कार्य जारी।
- लापता लोग: लगभग 5,000 लोग अभी भी लापता, खोज अभियान तेज।
- पर्यटन पर असर: पीक सीजन में उड़ानें और होटल बुकिंग बड़े पैमाने पर कैंसल।
- प्रभावित क्षेत्र: भोटेकोशी, रसुवा और नुवाकोट में सबसे ज्यादा तबाही।
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